जब उनकी याद आती है।
जब उनकी बहुत याद आती है, उसी चौराहे की दुकान से पानी पूरी खा लेता हूँ, जब उनकी बहुत याद आती है, अकेले ही दो तीन कुल्हड़ चाय पी लेता हूँ, जब उनकी बहुत याद आती है तो, कुछ वक्त लाइब्रे...
ये एक कोना है जिसमे मेरी जज़्बात, मेरी भड़ास , मेरी संवेदनाएं, मेरी समस्त अनुभूतियाँ निवास करती हैं।