और अंत में सारा प्रेम मर जाता है
और अंत में एक दिन हमारे अंदर का सारा प्रेम मर जाता है, हमारे पास किसी नए को प्यार करने का कारण नहीं रह जाता, हम बस दुःख में जीते रह जाते हैं और फिर से प्रेम करना नहीं सीख पाते, एक बीती शाम के लिए न जाने कितने सुबहों का हम बलिदान कर देते हैं!