पर थोड़ी सी बाकी हो...
तुम चली गई हो पर थोड़ी सी बाकी हो जितना बारिश के बाद कुछ देर के लिए फुहार जितना फूल तोड़ने के बाद हाथों में भीनी-भीनी महक मंदिर में घंटियां बजाने के बाद धीरे-धीरे आवाजों की पुनरावृत्ति जितना शहर छोड़ने के बाद रह जाती है धुंधली सी याद जितना मकान छोड़ने के बाद रह जाता है अपनेपन का एहसास सच में, तुम चली गई हो पर थोड़ी सी बाकी हो जितना जाने से पहले होता है अंतिम छुअन का एहसास! ---Shivam