जो तुम्हे देखता हूँ...
जो तुम्हें देखता हूँ,
तो सांसे भींग जाती हैं,
जो तुमसे नजरें मिलाता हूँ,
तो पूरी दुनिया थम जाती है,
जो तुम पास आते हो मेरे...
धड़कने बेतरतीब बढ़ जाती हैं,
गर तुमसे कुछ बोलना चाहूँ तो,
बेवजह ही लफ्ज़ लड़खड़ा जाते हैं,
सुनो....
कुछ तुम ही बोल दिया करो,
जब बातों की पहल न कर पाऊँ मैं,
इन आँखों की ख़्वाहिश समझ लिया करो,
जब नजरें तुमसे मिलाऊँ मैं,
थोड़ा सा तुम भी मुस्कुरा दिया करो,
जब तुमको देख कर मुस्कुराऊँ मैं।
देखो....
कल हम जैसे वर्षों बाद मिलेंगे,
तड़पते नैनों के प्यास बूझेंगे,
एक गुजारिश है प्रिये तुम रोकना मत मुझे,
वरना मेरा इन्तेज़ार बुरा मान जाएगा,
मेरी चाहत, मेरी तिश्नगी ,दिल का
चैन-ओ-करार बुरा मान जाएगा,
मेरा प्यार बुरा मान जाएगा!
©शिवम
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