तुम्हारा जाना

तुम्हारा जाना

मेरे हिस्से कभी नहीं आए वो दरवाज़े,

जिन्हें खोलकर मैं तुम्हारा स्वागत कर सकूँ।

मेरे हिस्से बस ये अधखुली खिड़कियाँ आईं,

जिनसे मैंने सिर्फ़ तुम्हारा जाना देखा…



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