ठहराव

ठहराव

एक पूरी उम्र बिताई जा सकती है,

सिर्फ़ प्रेम की तलाश में।

पर सच तो यही है—

एक प्रेमी को ठहराव बनकर,

सबके हिस्से आना चाहिए।



Comments

Popular posts from this blog

Our Last meeting!

आज जाने की ज़िद ना करो....

माँ से शिकायतें...