मुझसे दूर रहो

नहीं रहा जाता 

मैं ख़ुद दूर चली जाऊँगी 

मैं पास आ जाऊँगा

मैं आँखें बंद कर लूँगी

मेरी आहट आएगी

मैं छुप जाऊँगी

तुम्हारी ख़ुशबू से ढूँढ लूँगा 

तुम्हें भगा दूँगी

कहाँ कहाँ से? 

हर जगह से

दिल से निकाल पाओगी? 

हाँ हर जगह से ! 

होठों से, बालों से या फिर ख़यालों से? 

हर जगह से…

उन रातों से भी? उन बातों से भी ?

हाँ! 

रात के 3 बजे हैं, अभी भी मुझसे बातें कर रही हो! 

हाँ तो क्या हुआ? 

जाओ सो जाओ…कल ऑफिस है मेरा! 

अच्छा सुनो! मुझसे दूर रहो…

Comments

Popular posts from this blog

Our Last meeting!

आज जाने की ज़िद ना करो....

माँ से शिकायतें...