मैंने कब कहा तुमसे?
मैंने कब कहा तुमसे कि नजदीकियां बढ़ाओ
कब कहा कि मेरे करीब आओ....
या कब कहा कि मुझे तुम्हारी कमी है?
जानती हो?
ज्यादा नजदीकियां रिश्तों में ऊबन लाती हैं
और मैं नहीं चाहता कि ऊबन से रिश्तों में गांठ पड़े
इसलिए तो तुम्हें मैं किसी बंधन में नहीं रखना चाहता
तुम हमेशा खुली हवा में उड़ो, अपनी पहचान के साथ
सुनो...कभी तुम्हें ऐसा लगा क्या कि हम दूर हो रहे हैं
मैंने कभी ऐसा लगने तो नहीं दिया, नहीं न?
जब भी तुमने मुझे पुकारा मुझे एहसास हुआ
कि एक रुहानी रिश्ता मुझे बुला रहा है...
जब तुम मुझसे थोड़ी सी भी दूर होती हो
मैं तुम्हें उतना ही अपने करीब महसूस करने लगता हूं
जानती हो क्यों? क्योंकि थोड़ी दूरी हमेशा हमें पास लाती है
यही मोहब्बत भरा फासला मैं तुम्हें देना चाहता हूं
सुनो..
तुम्हें मैं अब खुद से भी ज्यादा चाहने लगा हूं
अब तो खोने का डर भी सताता रहता है
लेकिन मुझे पता है कि चाहे जितनी भी दूरी क्यों न हो
हम एक दूसरे के दिल में उतने ही करीब हैं
Comments
Post a Comment