सवाल न पूछो
किस हाल में हूँ ये मत पूछो,
जिंदगी ऐसी ही है सवाल न पूछो।
हर तरफ काँटों भरी राहें हैं,
किसने बिछाई है? सवाल न पूछो।
अपने अब अपने नहीं होते शिवम...
गैरों का तो हाल न पूछो।
किस तरह मुफ़लिसी में बीत रहे हैं दिन,
क्या ज़िंदा हूँ? सवाल न पूछो।
संघर्षों के छाए में चलता रहता हूँ,
मेरी खानाबदोशी पर सवाल न पूछो
चलो सुन लो मेरे मन की बात ,
मगर मेरी रोटी और दाल न पूछो।
शिवम
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