उनकी आँखों मे उतरे जमाना हो गया।

प्रिय मित्र श्रेष्ठ वर्मा के द्वारा ली गयी तस्वीर


उनकी आँखों में उतरे ज़माना हो गया,
उनकी गली से गुजरा तो फिर से दीवाना हो गया।
माना कि राहों में अब भी मिल जाते हैं,
पर साथ चले एक जमाना हो गया।
कहते हैं शिकायतें करना भी इश्क़ है,
उनको तो गिले शिक़वे किये ज़माना हो गया।
उनकी यादों में इस कदर डूबा मैं,
खुद से बातें किये ज़माना हो गया।
अब तो रात भी गुजर जाती है तन्हा तन्हा...
उनकी बातों से तारी हुए ज़माना हो गया।

©शिवम चौहान

Comments

Popular posts from this blog

Our Last meeting!

आज जाने की ज़िद ना करो....

माँ से शिकायतें...