तो बोलो जरा हमसे

इश्क अगर तुझे भी है तो बोलो तो जरा हमसे,
नींद-चैन तुम्हारा भी उड़ा हो तो बोलो तो जरा हमसे,

मेरे दोस्त आजकल चिढ़ाते हैं तुम्हारे नाम से ,
तुम्हारी सखियां भी चिढ़ाती हैं तो बोलो तो जरा हमसे,

सभी लोग नजदीकियों का सबब पूछते हैं हमसे,
थोड़ा और नज़दीक आओ तो बोले जरा उनसे,

मुश्किल है बहुत मुश्किल है अब और दूर रहना,
कब पास आओगे बोलो तो जरा हमसे,

हर वक़्त मेरे सपनों में ही रहती हो तुम, कभी हक़ीक़त में आना हो तो बोलो जरा हमसे,

खत्म हो जाएगा ये सुनहरा पल रोक लो इन्हें, प्यार है तुम्हे भी तो बोलो तो जरा हमसे,

इश्क अगर तुझे भी है तो बोलो तो जरा हमसे,
खोयी खोयी तुम भी गर रहती हो तो बोलो तो जरा हमसे ।।

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