जब उनकी याद आती है।
जब उनकी बहुत याद आती है,
उसी चौराहे की दुकान से पानी पूरी खा लेता हूँ,
जब उनकी बहुत याद आती है,
अकेले ही दो तीन कुल्हड़ चाय पी लेता हूँ,
जब उनकी बहुत याद आती है तो,
कुछ वक्त लाइब्रेरी में अकेले ही गुजार लेता हूँ,
जब उनकी बहुत याद आती है तो,
गैलरी खोलकर दो चार फ़ोटो देख लेता हूँ,
जब उनकी बहुत याद आती है तो,
पुरानी कॉल रेकॉर्डिंग सुन लेता हूँ,
जब उनकी बहुत याद आती है तो
कुछ यादें जो न बना पाए उसी में रो लेता हूँ।
बहूत खूब
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