वो लड़का कवि न बन पाता



गर उस दिन वो चालाक लड़की... 
उस पागल से लड़के को रात भर गाना न सुनाई होती , 
रात रात भर जगाई न होती,
 सड़कों, गलियों, कॉलेज कैंपस में नजरें मिलाकर मुस्कुराई न होती, 
लाइब्रेरी में साथ बिताई न होती... तो शायद वो लड़का कभी कवि नहीं बन पाता... 



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