याद आता है।

वही कॉलेज, वही क्लासरूम,
वही बेंच याद आता है,
अकेला जब भी बैठता हूँ,
मुझे तेरा साथ याद आता है।
वही सड़क वही दुकान,
वही बातें वही मुस्कान,
याद आता है जब भी ,
अकेले गुजरता हूँ शहर से,
'हमारे' कदमों के,
निशां नज़र आता है।
हाँ तेरा साथ याद आता है।
अप्रैल- मई की गर्मी,
बदन से जब टपकती है,
जनवरी याद आता है,
फरवरी याद आता है।

~शिवम सिंह

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