चाकू की नोक पर भारत के भाग्य विधाता

हरियाणा के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में एक  7 वर्षीय मासूम की चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गयी और सरकार खामोश मूर्त रूप धारण की हुई है सरकारी स्कूलों में अच्छी गुणवत्ता वाली पढ़ाई नही और न ही योग्य शिक्षक उपलब्ध हैं और निजी स्कूलों में मनमानी पैसे लेने के बावजूद बच्चों की सुरक्षा का कोई प्रबंध नही है और न सरकार इस पर कोई हस्तक्षेप करने को तैयार है। हमारी सरकारें पूरे विश्व में भारत को विश्व गुरु बनाने की वकालत करती है क्या इसी तरह से भविष्य के उजाले को दफना कर हम भारत को विश्व पटल पर देखेंगे? हमारे यहां न तो बच्चों को कोई सुरक्षा है न महिलाओं को कोई सुरक्षा है और हम आतंकवाद से लड़ने की बातें करते हैं, आतंकवाद दूर की कड़ी है हमे पहले अपने घरेलू आतंकियों से लड़ना होगा तब जाकर हम विदेशी आतंकवाद से लड़ सकेंगे।

एक मासूम बच्चे की इस प्रकार से गला रेतकर हत्या कर दिया जाता है, और उधर राजधानी में मासूम बच्ची का रेप कर दिया जाता है आखिर ये हमारे समाज मे कैसी विकृति फैली हुई है ? क्यों ऐसे मानसिक विकलांग लोगों को स्कूल प्रशासन अपने स्टाफ में शामिल कर लेती है ? क्या इसका कोई मापदण्ड नही होना चाहिए ? क्या इस पर सरकारी नकेल नही कसनी चाहिए ? और स्कूल स्टॉफ के चयन की प्रक्रिया सरकारी देखरेख में नही होनी चाहिए? ऐसी ही ऐसी ही तमाम सवालें हैं जिनका जवाब आम जनता सरकार से पूछना चाहती है।
आजकल ऐसी बहुत खबरें आती हैं जिसमे स्कूल बस के ड्राइवर और कन्डक्टर ऐसी घिनौनी घटनाओं में संलिप्त पाए गए।
अतः इनका चयन इनकी उचित योग्यता पर ही होनी चाहिए।

हमारे भारत मे हाईवे से 500 मीटर की दूरी पर शराब की दुकानें कर दी गईं हैं लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि रेयॉन इंटरनेशनल स्कूल के बगल में महज कुछ कदम की दूरी पर शराब का ठेका खुला हुआ है।

निजी स्कूलों का काले साम्रज्य में राजनीतिक लोग भी जुड़े हुए होते हैं इनके असली संरक्षक भी वही होते हैं इन्ही लोगों के बल पर ये काला धंधा पल रहा है।

सरकार किसी की भी आयी हो लेकिन हमारे भारत की जर्जर शिक्षा पद्धति और स्कूल प्रशासन कभी नही सुधरे, बस सरकारें वादा करती रह जाती हैं इसके परिणाम से उन्हें क्या मतलब?

अतः केंद्र सरकार को इस हत्या का सीबीआई जाँच करानी चाहिए और प्रदुम्न के दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलवाना चाहिए जिससे कि समाज मे एक कड़ा संदेश जाए। और पूरे भारत के सभी स्कूलों  चाहे वह निजी हो या सरकारी उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार को है और वही जवाबदेही होगी।

©शिवम

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